छत्तीसगढ़

अवैध धान कारोबार पर बड़ी कार्रवाई: दो राइस मिलों से 22,000 क्विंटल धान और चावल जब्त

Shantanu Roy
1 Dec 2025 10:58 PM IST
अवैध धान कारोबार पर बड़ी कार्रवाई: दो राइस मिलों से 22,000 क्विंटल धान और चावल जब्त
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छग
Dhamtari. धमतरी। जिले में अवैध धान और चावल के कारोबार के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य, मंडी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने फुल मिनी राइस मिल और अशोक राइस मिल में छापेमारी कर 22,000 क्विंटल अवैध धान और चावल जब्त किया। जब्त किए गए माल की अनुमानित कीमत 5 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। यह कार्रवाई कलेक्टर अविनाश मिश्रा के निर्देश पर की गई। जिले में यह पहली बार है जब इतनी बड़ी मात्रा में अवैध धान और चावल एक साथ बरामद किया गया। कलेक्टर मिश्रा ने बताया कि यह कार्रवाई समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के मौजूदा सीजन के दौरान की गई।
छापेमारी लगभग छह घंटे तक चली और इस दौरान दोनों राइस मिलों में रखे अवैध धान और चावल का बड़ा जखीरा पुलिस और अधिकारियों की टीम ने जब्त किया। उन्होंने कहा कि यह मामले जिले में अवैध धान कारोबार के खिलाफ सख्त संदेश भी है। कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि जब्त किए गए 22,000 क्विंटल धान का मूल्य करोड़ों में है और यह मामला अभी जांच के दायरे में है। दोनों राइस मिलों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जिला प्रशासन ने बताया कि अवैध धान और चावल की खरीद और भंडारण पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि धान खरीद और वितरण के नियमों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खाद्य, मंडी और राजस्व विभाग की टीम ने मिलों में रखे धान और चावल का पूरा रिकॉर्ड तैयार किया और आगे की फॉरेंसिक जांच और वैधता जांच के लिए इसे सुरक्षित रखा गया। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे अवैध व्यापार से किसानों और राज्य की योजना प्रभावित होती है, इसलिए इसे गंभीरता से रोका जाएगा।
कलेक्टर ने जनता से भी अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अवैध धान कारोबार की जानकारी प्रशासन को दें। साथ ही उन्होंने कहा कि धमतरी जिले में ऐसे अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। इस कार्रवाई के बाद जिले में अवैध धान और चावल के कारोबारियों में भय का माहौल पैदा हुआ है। प्रशासन ने सुनिश्चित किया कि आगामी समय में इस तरह की जांच और छापेमारी और भी राइस मिलों में की जाएगी। कलेक्टर मिश्रा ने यह भी कहा कि राज्य सरकार की यह पहल किसानों के हित और योजना के पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए है। उनका कहना था कि समर्थन मूल्य पर खरीदी गई धान की सुरक्षा और सही वितरण सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
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